About this audiobook
आर्थर कॉनन डॉयल, जो एक स्कॉटिश चिकित्सक से लेखक बने, ने यह उपन्यास देर‑विक्टोरियन ब्रिटिश साम्राज्यवाद के शिखर पर लिखा। डॉयल ने एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से चिकित्सा की पढ़ाई की और कथा लेखन में आने से पहले सर्जन के रूप में कार्य किया। यह कहानी, पहली बार 1887 में प्रकाशित हुई, शर्लक होल्म्स को एक सलाहकार जासूस के रूप में प्रस्तुत करती है—जिसके तरीके अवलोकन, तर्कनिष्कर्ष और वैज्ञानिक पद्धति को मिलाकर अपराध और न्याय के नाटकीय भाव से जुड़ते हैं। पृष्ठभूमि—लंदन का चिकित्सकीय परिवेश, भारतीय अभियानों और कंधार व पेशावर जैसे साम्राज्यवादी भूभाग—उस युग की वैश्विक पहुँच और सीमा-रोमांच के प्रति सार्वजनिक उत्सुकता तथा तर्कसंगत जाँच की प्रवृत्ति दोनों को दर्शाती है। अंग्रेज़ी गद्य उस दौर की सुलभ परन्तु तकनीकी रूप से सूचित कथात्मक रुचि को प्रतिबिंबित करता है, और इसके प्रकाशन का संदर्भ—ब्रिटेन में बीटन का क्रिसमस एनुअल और अमेरिका में लिपिंगकॉट्स मन्थली मैगज़ीन—होम्स को कल्पना और वैज्ञानिक रिपोर्टिंग के बीच एक समकालीन आधुनिक पात्र के रूप में स्थापित करता है।