Length10h 56m
About this audiobook
जावेद कश्मीरी को उनकी तलाश थी जिन्होंने उस पर और उसके परिवार पर जुल्म किए थे. मगर उसके रास्ते में अड़े खड़े थे 'चलते पुर्जे'! और चलते पुर्ज़ों से जावेद अकेला नहीं निपट सकता था. उसे विजय-विकास की ही नहीं बल्कि अलफांसे की मदद भी हासिल हुई. ये सब मिल कर भी चलते पुर्ज़ों को सबक़ सीखा पाए कि नहीं? ये बता रहें हैं 'वेद प्रकाश शर्मा'! सुनिए उनकी इस नायाब कृति को और अनुभव कीजिए जादुई लेखन और आवाज़ के मेल को!
Audiobook details
GenreGeneral Fiction
Length10 hrs 56 mins
Narrated byAnil Datt
FormatAudiobook
Publish dateMar 10, 2021
LanguageHindi
