सम्पूर्ण बालरचनाए यह आमृतलाल नागरजी का बालसाहित्यमे एक विशेष योगदान हे उन्हें लगता हे की बच्चे दर्पण की तरह अपने देश,समाज, और घरके संस्करोंको जलकते हैं इसलिए हम साहित्य द्वारा सामान्य ज्ञान कहानियोंके ज़रिए बच्छो तक पहुँचाये तो यह एक विशेष प्रस्तुति हैं एसे उनका माना हैं