Length5h 36m
About this audiobook
13 अप्रैल 1982 को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्मे सुशोभित की शिक्षा-दीक्षा उज्जैन में हुई. उन्होंने अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है और हिंदी पत्रकार हैं ।कविता की दो पुस्तकों 'मैं बनूँगा गुलमोहर' और 'मलयगिरि का प्रेत' सहित लोकप्रिय फ़िल्म-गीतों पर विवेचना की एक पुस्तक 'माया का मालकौंस' और गांधी पर एक किताब 'गांधी की सुंदरता' प्रकाशित की।इन्होंने अँग्रेज़ी के लोकप्रिय उपन्यासकार चेतन भगत की पाँच पुस्तकों का अनुवाद भी किया है।यह किताब क़िस्सों की किताब है जिसमें उन्होंने जीवन के छोटे छोटे प्रसंगो को ख़ुशनुमा गद्य में लिखा है.
यह क़िस्सों की किताब है। कुछ कपोल कल्पना, कुछ आपबीती, कुछ दास्तानगोई, कुछ बड़बखानी। अँग्रेज़ी में जिसे कहते हैं- 'नैरेटिव प्रोज़'। वर्णन को महत्व देने वाला गद्य, ब्योरों में रमने वाला गल्प। कहानी और कहन के दायरे से बाहर यहाँ कुछ नहीं है। यह 'हैप्पी कंटेंट' की किताब है। कौतूहल इसकी अंतर्वस्तु है। क़िस्सों की पोथी की तरह किसी भी चैप्टर से इसे सुना जा सकता है।
Audiobook details
GenreLiterary Classics, Biography and Memoir
Length5 hrs 36 mins
Narrated byRavi Rajesh
FormatAudiobook
Publish dateSep 8, 2021
LanguageHindi
