About this audiobook
पढ़ाई के लिए जब जाना हो विदेश विदेश में पढ़ाई करने का चलन पुराना है, लेकिन बढ़ते ख़र्च, काउन्सलिंग का कन्फ़्यूज़न और विदेशी संस्थानों की गिरती उठती साख जैसे कयीं फ़ैक्टर्ज़ ने अब सारा परिदृश्य बदल दिया है. ऐसे में इन फ़ैक्टर्ज़ पर ग़ौर किए बग़ैर क़दम ना उठाएँ.